Wednesday, May 30, 2007

पहेली

कैसे पकड़ोगे मुझको…?

कैसे बाँधोगे मुझको…?

मैं भी तो जानूँ...!!

तुम कहो......

कहो ना....


थोड़ी आवारा हूँ मैं...

थोड़ी बंजारा हूँ मैं...

संग संग जो बहना चाहो...

तो बहो...
.
बहो ना....


आती जाती बहारें...

जानी अनजानी राहें...

मेरे साथ उड़ना चाहो

तो चलो....

चलो ना....


पतझड़ की शाखों में

कुछ नये पत्ते लगा दें…

यादों की डिब्बियों में…

कुछ पल तुम भी बंद कर लो...

कर लो ना....


उलझी उलझी सी हूँ मैं...

बहकी महकी भी हूँ मैं....

लड़खड़ाती मदहोशी भी....

अब भी तुम बाँधोगे क्या....??

कहो ना....


ऐसे पकड़ोगे मुझको…?!!

ऐसे बाँधोगे मुझको…?!!

यूँ तो मैं बँध जाऊँगी....

तुम में ही खो जाऊँगी.....

हो ना हो....


तुमने जो पँख लगाये....

मुझपर जो रंग चड़ाये....

और उँचा उड़ने लगी हूँ..

यह पहेली कैसी.....

बूझो ना.......

Tuesday, May 22, 2007

ऐसे जगाओ ना....

यूँ करवटों से चुरा कर
कहाँ ले चले अपनी धड़कनें....??
जाती धडकनों की आहटों को सुन…
खुल जाती है मेरी नींद......!!

भोर तो रोज़ ही खिड़की पर ताकती है....
क्यूँ खींचा अपना हाथ….
सपनों को मेरे सिरहाने रख.... ??
यूँ तो...... खुल जाती है मेरी नींद......

उषा जब झकझोरती है...
तेरी धड़कनों के पास...
हल्की रोशनी तेरे चेहरे पर खेलती है...
और ....उड़ जाती है मेरी नींद....!!

पलकों में पकड़े हुए सपने....
होठों पर बीते कल के पलचिन...
फरिश्तों सा तुम्हारा चेहरा....
..........उलझ जाती है मेरी नींद......

करवटों की करवटों से बाते....
तेरे चेहरे पर लिखी मेरी पहचान....
अंगडाई को सँभालता आलिंगन...
....और फिर.... खुल जाती है मेरी नींद......

Saturday, May 19, 2007

लम्हा

एक लम्हा ही तो हूँ...
जिन्दगी तो नहीँ....

कुछ क्षण को बाँध गई...
कोई बंदगी तो नहीं....

रंग ना बिखरे...ना महके...
इतनी सादगी भी नहीं....

अहसास हूँ...जज़्बात हूँ....
शर्मिन्दगी तो नहीं....

जिन्दगी से चुकाओ मुझे...
इतनी महंगी भी नही.....

बुलाओ तो आऊँ...भुलाओ तो जाऊँ...
ऐसी संजीदगी भी नहीं....

एक लम्हा ही तो हूँ...
जिन्दगी तो नहीँ....

Tuesday, May 15, 2007

सवाल

आवाज़ को और कितने लम्हे दोगे....?
खामोशी को कितने अर्थ दोगे….?
मैं चुप हूँ.......
मेरे शब्दों को कैसे इल्ज़ाम दोगे....?!
खुद से खुद को रूबरू कराने की....
क्या कीमत लोगे......?
अनुरक्ति को क्या नाम दोगे....?
अनुभूति की क्या सजा दोगे....?