बड़े दिनों बाद
फिर एक पुराने ख्याल से
मुलाकात हो गई
लगाव से
बड़े चाव से
मैं देखती रही
उसे सोचती रही
नहीं
बदला नहीं था...
वैसा ही था
................
जाते जाते
आज भी
घाव कर के गया
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POEMS IN HINDI moments....thoughts....emotions....analysis..... descriptions...reflections....expressions....impressions.....my words....my feelings
9 comments:
Oh ! Class.
बहुत बढ़िया। क्या अहसास है
kya baat hai, jate jate ghav kar gaya
बहुत गहरे जाती हैं आप की ये कविताएं।
bahut hi khub likha hai apne,wah.
ऐसे घाव करने वाले ख्याल
न आयें
सो ही अच्छा
और अगर
आ जायें
तो
जितनी जल्दी जायें
उतना अच्छा !
beji,
aap sachmuch kaatil hain. katl kartee rahein, marne waalon kee line lagee hai.
waaah
खूब - वैसे जैसा कुछ कुछ मैं प्रतिक्रिया कर पाता - प्रत्यक्षा जी ने उसकी अभिव्यक्ति का खेमा पहले ही छेंक दिया हिन्दी में और मीत ने अंगरेजी में - इसलिए डिट्टो [ :-)]
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