
देखा आसमाँ को...
यूँ लग रहा है मानो
सुस्ताये हाथों से
सफेदी में कूची डुबो कर
बादल को फैला दिया हो....
.....
माने नहीं तुम.....
खुदा को पूरी रात
दुआ माँग
उलझाये रखा!!
POEMS IN HINDI moments....thoughts....emotions....analysis..... descriptions...reflections....expressions....impressions.....my words....my feelings
5 comments:
आमीन
माने नहीं तुम.....
खुदा को पूरी रात
दुआ माँग
उलझाये रखा!!
--वाह!!
बच्चों सी ज़िद
पूरी भी हुई न
देखो
उग आया
माथे पर
सूरज !
वाह !
बहुत अच्छी ...
बहुत ’गुलज़ारिश’ ....
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