
दोनो पक्ष
बैठ जाते हैं
जैसे सामने
कैरम बोर्ड हो
काली और सफेद गोटियाँ
दोनो तरफ का ध्यान
क्वीन पर
वे लगातार दृश्य स्कैन करते हैं
सही मौके के लिए
सही कवर की तलाश में
अगर आप इस खेल में माहिर नहीं
तो हर चाल समझ नहीं सकते
क्योंकि जो आहत होता है
निशाना उस पर नहीं है
यहाँ साझेदारी का सवाल नहीं है
विषय हार जीत का है
सही गलत का नहीं
निपुणता का है
स्ट्राइकर से चलती हर पारी
किसी षड़यंत्र का हिस्सा है
कॉइन से कॉइन को हार
जीतने वाला सिर्फ
दो में से एक
खिलाड़ी है
.....
नाम भी है
इस खेल का
......
संवाद
....
क्वीन हर वर्ग की अलग है
पर सत्ता से जुड़ी हुई...
घर की,
धर्म की
नहीं तो देश की....




7 comments:
blogvani par chalate-chalte aapaka daayalog padhaa. sachmuch sabki nazar queen par hai par is khel me jo maahir hai wah usako harap leta hai chaahe wo galat tareekaa hi ku n ho.
shubhkamnaaye.
rahul siddharth
पढ़ लिया, हालांकि स्कैन करने की निपुणता नहीं. दो आई वुड से इट्स नॉट डायलॉग, इज़ इट? क्वीन के आजू-बाजू के सिवा खड़े होने की और जगह नहीं? उसकी वैलिडिटी?
डायलॉग अच्छा लगा !
खेल जारी है......!
आप की कविता में यह रंग नया है।
एक अलग अंदाज-अच्छा लगा!!
डायलाग पढ लिया अब स्कैन कैसे करे?खराब हालात को बडे अच्छे तरीके से रखा है आपने !!
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