Wednesday, April 29, 2009

विरूपित














उसकी ताकत का अंदाज़ा
कम मत लगाना...
वो राय से
सच की तस्वीर
बदल सकता है.....


कहते हैं
सच उजला होता है....
पर
काले चश्मों से
काला ही
नज़र आता है....


फैशन
काले चश्मों का ही
चल निकला है....
.....
फिर भी...
राय पहन कर...
सच की मत
पहचान करना.....

7 comments:

Navnit Nirav said...

Ham jise faishan kahte hai woh hamari galtiyon ko chupane ka aavaran hai ya phir apni uchsrinkhalta ko pradarshit karne ka madhyam.
Bahut achchha likha hai aapne.
Navnit Nirav

काजल कुमार Kajal Kumar said...

बहुत सुंदर.

संजय बेंगाणी said...

चश्में वाली बात में दम है.

विनय said...

दिल छूने वाली रचना

---
तख़लीक़-ए-नज़रचाँद, बादल और शामगुलाबी कोंपलेंतकनीक दृष्टा

Reality Bytes said...

FOrvever JFK .he will never die .his thoughts and ideology will remain till d end .MY vote JFK forver.

कंचन सिंह चौहान said...

badi baat..sadhi baat...!

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

राय पहन कर...
सच की मत
पहचान करना.....

बिलकुल सही। लोग पहले तथ्यों की कल्पना करते हैं फिर उन तथ्यों पर अपनी राय रखते हैं।