
गुलामी
बहुत प्राचीन
प्रवृत्ति है....
शायद इसीलिए लोग
नौकरी भी
गुलामी की तरह करते हैं....
परवरिश भी
सर झुकाने की अदा
सिखाने का
प्रशिक्षण भर है....
मालिक और गुलाम
का खेल
सभी रचाये बैठे हैं
हर उनमुक्त
ख्याल पर कई
घात लगाये
गए हैं
जो पैरों पर
खड़े हों तो तुरंत
हथकड़ी पहना दें इनको....
ज़रा देखो
तुम्हारे ख्यालों को किसने
परास्त किया है.....
वही तुम्हारा मालिक...
तुम उसके गुलाम हुए हो....



