इस मौन का
अनुवाद नहीं
इस ठहराव की गति नहीं
इस अंतराल पर
रुक कर
कोई उक्ति
अर्थ में जुड़ सके
सँभव नहीं
शब्द को मौन से ढँक कर
दफ्न कर..
विरक्ति
का ढेर कर....
मुड गये....
..................
उम्मीद में...
......शायद...
वो आर्द्रता तुम्हारे पास हो...
दफ्न उस शब्द को
अंकुरित कर सको......
Friday, December 11, 2009
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